Saturday, November 1, 2008

असली हीरो विश्वनाथन

शतरंज की बिसात। चौसठ खानों का खेल। सब लगे रहते हैं। कि चारों खाने चित कर दें। अपने प्रतिद्वंद्वी को। शह और उसी के साथ मात। असली हीरो विश्वनाथन आनंद। विश्व चैम्पियन। क्रैमनिक को मात दी। पर खिलाड़ी तो और भी हैं। बल्कि सभी। छोटे-बड़े। प्यादे से फर्जी होने के चक्कर में। टेढ़ो-टेढ़ो जाय। कब उलट दें बाजी। ताज उनके सिर आ जाए। जिंदगी मे हर तरफ। राजनीति में कुछ ज्यादा। चुनाव सिर पर हैं। सब अपनी गोटियां बिठाने में। सब दांव पर है। विधायकी, सांसदी, पद। पर टिकट तो मिले।

3 comments:

नीरज गोस्वामी said...

क्रिकेट के दीवानों के इस देश में आनंद एक ठंडे हवा के झोंके की तरह हैं...बधाई उन्हें देश का नाम रोशन करने के लिए.
नीरज

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

जय हो विश्वनाथ की। मधुकर जी को साधुवाद।

रचना said...

agar aap vishvnaathan aanad ka video daekhna chahey to is link ko daekhey
विश्वनाथन आनन्द को वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतने पर हार्दिक बधाई ।