हिंदी में दो शब्द हैं। बिल्कुल आसपास की ध्वनि वाले। नियत और नियति। उर्दू जोड़ लें तो एक शब्द और। नीयत। इनके अर्थ भिन्न। प्रयोग जुदा। पर एक जगह तीनों एक साथ। नीयत ठीक। नियति पहले से ही नियत। यानी की तयशुदा। जैसे सचिन तेंदुलकर। क्रिकेट में महानता। वही नियति है। तय है। नियत है कि होना है एक दिन। इसलिए कि नीयत कांच की तरह साफ। न कोई खरोंच। न गंदगी। धूल-धक्कड़। बीस साल के अंतरराष्ट्रीय झंझावात में। सत्रहवें शिखर पर रहता। चमकता। बल्कि पहले से कुछ और ज्यादा दमकता।
Friday, November 6, 2009
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